Social service everywhere-anytime. A motivational story in hindi
समाज सेवा कहीं भी कभी भी किसी गांव में राघव नाम का एक युवक था। स्वभाव से अत्यन्त उदार और समाज सेवा के लिए हरदम तत्पर। गांव वाले अक्सर कहते कि राघव समाज सेवा का ढोंग करता है। राघव अपनी धुन का पक्का और तबीयत से अलमस्त था। गांव को बाजार से जोड़ने वाला एकमात्र कच्चा रास्ता एक बार आने जाने वालो के लिए मुसीबत बन गया। रास्ते के पास झाड़ियों में एक कुत्ता मर कर बदबू कर रहा था। आने -जाने वाले दुर्गन्ध से व्याकुल होकर नाक पर कपडा दबाकर तेज गति से रास्ता पार करने लगे। तेज चलने के कारण ऊबड़ -खाबड़ पगडन्डी पर एक दो लोग गिरकर जख्मी भी हो गये ,लेकिन फिर भी उसे अनदेखा कर दिये और समस्या का समाधान करने की कोई कोशिश नही किये। चिलचिलाती धूप में गांव वालो ने देखा कि राघव घर से कुदाल...